पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और विशेष गहन संशोधन (SIR) के लिए अगले दो महीनों में अधिकतम कैंपों का आयोजन करने की घोषणा की है। पार्टी ने विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों पर फोकस किया है, जहां बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ की समस्या अधिक है। यह कैंप बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) के माध्यम से चलाए जाएंगे, जहां पार्टी कार्यकर्ता लोगों को CAA आवेदन भरने में मदद करेंगे। राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल के निर्देश पर दक्षिण बंगाल के बोंगांव और कृष्णनगर जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक कैंप लगाए जाएंगे।
सीमावर्ती जिलों पर फोकस के कारण
बीजेपी नेताओं ने सीमावर्ती जिलों में कैंपों पर जोर देने का कारण BLA पर हमलों का डर और बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ को बताया है। इन क्षेत्रों में SIR प्रक्रिया के दौरान हिंसा की आशंका जताई गई है, इसलिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया। अवैध घुसपैठ को चुनावी सूचियों में घुसपैठ का खतरा माना जा रहा है, जिसे SIR के माध्यम से साफ करने की योजना है।
कैंपों का विवरण
कैंपों को CAA और SIR के साथ सिंक्रोनाइज्ड तरीके से चलाया जाएगा। अगले दो महीनों में पूरे बंगाल में ये कैंप लगेंगे, लेकिन सीमावर्ती जिलों में सबसे अधिक संख्या होगी। कैंपों में पार्टी कार्यकर्ता लोगों को CAA आवेदन प्रक्रिया में सहायता प्रदान करेंगे, जिसमें दस्तावेज जमा करने और फॉर्म भरने का काम शामिल है। SIR के तहत मतदाता सूचियों का विशेष संशोधन होगा, ताकि अवैध घुसपैठिए हटाए जा सकें।
बीजेपी नेताओं के प्रमुख बयान
- सुनील बंसल: राष्ट्रीय महामंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिक कैंप लगाने का निर्देश दिया, ताकि CAA का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे।
- सुवेंदु अधिकारी: उन्होंने कहा कि 2002 के बाद धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत में शरण लेने वाले कुछ लाख बांग्लादेशी हिंदू हैं। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने इनकी नागरिकता सुनिश्चित करने का वादा किया है, और यह मामला गृह मंत्रालय संभालेगा। अवैध घुसपैठियों (गैर-हिंदू) के लिए “डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट” की चेतावनी दी।
- दिलीप घोष: उन्होंने आश्वासन दिया कि CAA से हजारों लोगों को नागरिकता मिल चुकी है, और इससे राशन या अन्य लाभ प्रभावित नहीं हुए। SIR अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए मतदाता सूचियों को साफ करेगा।
राजनीतिक संदर्भ
यह घोषणा बंगाल में अवैध घुसपैठ के मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाने की बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार अवैध घुसपैठियों को शरण दे रही है, जिससे चुनावी सूचियां प्रभावित हो रही हैं। CAA को हिंदू घुसपैठियों के लिए राहत के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि SIR को “सफाई अभियान” बताया जा रहा है। इससे पहले भी बीजेपी ने बंगाल में CAA को लागू करने के लिए अभियान चलाया था, लेकिन राज्य सरकार के विरोध के कारण विवाद बढ़ा।
CAA और SIR के निहितार्थ
पश्चिम बंगाल में CAA के तहत बांग्लादेशी हिंदू घुसपैठियों को नागरिकता मिलने का रास्ता खुलेगा, और कैंपों से आवेदन प्रक्रिया तेज होगी। SIR से मतदाता सूचियों में अवैध नाम हटेंगे, जिससे बीजेपी को चुनावी लाभ की उम्मीद है। हालांकि, इससे सामुदायिक तनाव बढ़ सकता है, और गैर-हिंदू अवैध घुसपैठियों के निर्वासन की चेतावनी ने विवाद को हवा दी है। बीजेपी का कहना है कि हजारों लोग पहले ही लाभान्वित हो चुके हैं, और यह प्रक्रिया बिना किसी हानि के चलेगी।









