चुनाव परिणाम और गठबंधन का गठन
महाराष्ट्र के अकोला जिले की अकोट नगर परिषद में 35 सदस्यों वाली परिषद के लिए 33 सीटों पर चुनाव हुए। BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 11 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 6 सीटें, AIMIM को 5 सीटें, प्रहार जनशक्ति पार्टी को 3 सीटें, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को 2 सीटें, वंचित बहुजन अघाड़ी को 2 सीटें, NCP (अजीत पवार गुट) को 2 सीटें, NCP (शरद पवार गुट) को 1 सीट और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को 1 सीट मिली।
BJP को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, इसलिए स्थानीय स्तर पर ‘अकोट विकास मंच’ नाम से गठबंधन बनाया गया। इस गठबंधन में AIMIM, दोनों शिवसेना गुट, दोनों NCP गुट और प्रहार जनशक्ति पार्टी शामिल हुए। गठबंधन का कुल समर्थन 25 सदस्यों का था। इस गठबंधन को अकोला जिला कलेक्टर के पास रजिस्टर कराया गया। BJP की माया धुले को मेयर चुना गया।
गठबंधन के प्रमुख सदस्य
गठबंधन में BJP के रवि ठाकुर को ग्रुप लीडर बनाया गया। सभी सदस्यों को BJP के व्हिप का पालन करने का निर्देश दिया गया। डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमिटी सदस्यों का चुनाव 13 जनवरी को होना था, जहां गठबंधन एक साथ वोट करने वाला था। AIMIM के 5 पार्षदों में से कुछ ने गठबंधन में शामिल होने का समर्थन दिया, लेकिन बाद में 4 ने पार्टी छोड़ दी या समर्थन वापस लिया।
मुख्यमंत्री फडणवीस की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गठबंधन को “अस्वीकार्य” बताया और तुरंत तोड़ने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस या AIMIM के साथ गठबंधन नहीं सहन किया जाएगा। फडणवीस ने स्थानीय नेताओं पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उनके आदेश के कुछ घंटों बाद ही गठबंधन टूट गया।
BJP की आंतरिक कार्रवाई
BJP महाराष्ट्र इकाई ने अकोट के विधायक प्रकाश भारसाकले को शो-कॉज नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया कि AIMIM के साथ गठबंधन पार्टी की नीतियों और मूल्यों का उल्लंघन है। भारसाकले पर आरोप लगा कि उन्होंने राज्य नेतृत्व से परामर्श किए बिना गठबंधन किया। नोटिस की कॉपी अकोट BJP मंडल अध्यक्ष हरिश तावरी को भी भेजी गई।
AIMIM की प्रतिक्रिया
AIMIM महाराष्ट्र अध्यक्ष इम्तियाज जलील ने गठबंधन से इनकार किया और कहा कि BJP से किसी कीमत पर गठबंधन नहीं होगा। उन्होंने स्थानीय नेताओं पर कार्रवाई की बात कही। AIMIM के 5 पार्षदों ने अकोट नगर परिषद को पत्र देकर गठबंधन से समर्थन वापस ले लिया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें BJP सदस्यों की मौजूदगी की जानकारी नहीं थी।
अन्य दलों की प्रतिक्रियाएँ
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने BJP की आलोचना की और इसे “दो मुंहे सांप” कहा। उन्होंने कहा कि BJP राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस मुक्त भारत का नारा देती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर गठबंधन करती है। कांग्रेस ने भी अपने पार्षदों पर कार्रवाई की।
गठबंधन टूटने के बाद स्थिति
फडणवीस के आदेश और नोटिस के बाद गठबंधन कुछ घंटों में ही टूट गया। AIMIM पार्षदों ने समर्थन वापस ले लिया। BJP ने खुद को गठबंधन से अलग कर लिया। अकोट में अब नई स्थिति बनेगी, जहां डिप्टी मेयर चुनाव प्रभावित हो सकता है।










