जला दी मुस्लिम बस्ती! घर, दुकानें, मस्जिद, कुरान सब राख! जल उठा त्रिपुरा

On: January 14, 2026 8:58 PM
Communal violence in Tripura

Communal Violence: त्रिपुरा के उनाकोटी जिले में 10 जनवरी 2026 को एक छोटी चंदा की बहस ने भयानक हिंसा का रूप ले लिया! मुस्लिम बहुल इलाके पर भीड़ ने हमला बोल दिया – घरों को आग लगा दी, दुकानें लूटीं-जलाईं, गाड़ियां राख कर दीं, और मस्जिद तक नहीं बख्शी जहां कुरान की प्रतियां जलाई गईं। पुलिस मौके पर थी लेकिन चुप्पी साधे खड़ी रही? अब 10 गिरफ्तारियां, इंटरनेट बंद, लेकिन सवाल उठ रहे हैं – अल्पसंख्यक सुरक्षा कहां है? पूरी तबाही की ग्राउंड रिपोर्ट देखें!

त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा: मुस्लिम बस्ती पर हमला, सब कुछ जलकर राख!

10 जनवरी 2026 को त्रिपुरा के उनाकोटी जिले में एक छोटी-सी घटना ने भयानक रूप ले लिया। फटिकरॉय पुलिस स्टेशन के अंतर्गत सैदरपारा-शिमुलतला इलाके में भैरब मेला या पूजा के लिए चंदा इकट्ठा करने की बात से शुरू हुई बहस जल्द ही सांप्रदायिक हिंसा में बदल गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक मुस्लिम टिम्बर ट्रक ड्राइवर या व्यापारी ने चंदा देने से इनकार किया, जिससे झगड़ा भड़क उठा और बड़ी भीड़ (100-150 लोग) ने मुस्लिम बहुल क्षेत्र पर सुनियोजित हमला कर दिया।

हमले की भयावह तस्वीरें

भीड़ ने मुस्लिम परिवारों के घरों पर आग लगा दी – 5-6 घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। दुकानें, खासकर एक टिम्बर शॉप, लूटी गईं और आग के हवाले कर दी गईं। गाड़ियां, बाइक, ट्रैक्टर, ट्रक और ऑटो-रिक्शा तक जला दिए गए। सबसे दिल दहला देने वाली बात – इलाके की जामा मस्जिद (सैदुर पारा मस्जिद) पर भी हमला हुआ। दरवाजे-खिड़कियां तोड़ी गईं, इमाम का कमरा जला दिया गया, कुरान की प्रतियां आग लगा दी गईं, और कब्रिस्तान तक को नुकसान पहुंचाया गया। कई लोग घायल हुए, जिसमें 5-6 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। परिवार बेघर हो गए, बच्चे-महिलाएं सड़कों पर रोते नजर आए, और पूरा इलाका धुएं व तबाही से भर गया।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

स्थानीय निवासी और गवाहों का आरोप है कि हमला सुनियोजित था, और पुलिस मौके पर मौजूद थी लेकिन हिंसा रोकने में नाकाम रही या चुप रही। भीड़ ने “जय श्री राम” जैसे नारे लगाए और जबरन धार्मिक नारे बोलवाए। पुलिस ने बाद में लाठीचार्ज किया और स्थिति काबू में की, लेकिन देर हो चुकी थी। अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रशासन के कड़े कदम

घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया – कुमारघाट सब-डिवीजन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई, मोबाइल इंटरनेट 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया, और पैरामिलिट्री फोर्सेस को पैदल गश्त पर तैनात किया गया। कोई नई हिंसा नहीं हुई, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है।

यह घटना अल्पसंख्यक सुरक्षा, पुलिस की जवाबदेही और छोटी बहसों के बड़े रूप लेने के गंभीर सवाल खड़े करती है। वीडियो फुटेज में जलते घर, उठता धुआं और रोते लोग देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। क्या यह सिर्फ चंदे की लड़ाई थी या कुछ बड़ा संगठित प्रयास? जांच जारी है, लेकिन दिल दहलाने वाली यह घटना पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर रही है।

National Dastak

Manshi Shukla ने 2015 में लॉन्च होने के बाद से एक वेब विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। वर्षों से, उन्होंने कंपनी की वेब एक्सपर्ट टीम का नेतृत्व किया है और 10,000 से अधिक लेख प्रकाशित किए हैं - ब्रेकिंग न्यूज, शिक्षा, नौकरियों, समीक्षाओं का मिश्रण, सहायक, उद्योग विश्लेषण , और अधिक।