क्रेडिट लाइन ऑन UPI क्या है
भारत में अब कई बड़े बैंक ग्राहकों को UPI के जरिए क्रेडिट लाइन देने लगे हैं। यह सुविधा क्रेडिट कार्ड की तरह काम करती है, लेकिन पेमेंट सीधे UPI ID या QR कोड से होता है। RBI ने 2023 में क्रेडिट लाइन ऑन UPI को मंजूरी दी थी। अभी HDFC Bank, Axis Bank, ICICI Bank, SBI Card, Yes Bank, Kotak Mahindra Bank और कुछ NBFC इस सुविधा को लाइव कर चुके हैं।
कैसे काम करती है यह सुविधा
बैंक पहले ग्राहक को प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन देता है, जो 5 लाख से 25 लाख रुपये तक हो सकती है। यह लिमिट ग्राहक के बैंक खाते से लिंक होती है, न कि अलग क्रेडिट कार्ड से। UPI ऐप (Google Pay, PhonePe, Paytm आदि) में बैंक द्वारा दी गई क्रेडिट लाइन दिखती है। पेमेंट करते समय ग्राहक “Credit Line” विकल्प चुनता है और UPI PIN डालकर पेमेंट पूरा करता है। ट्रांजेक्शन UPI नेटवर्क से ही होता है, इसलिए कोई अतिरिक्त ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं।
ब्याज और फीस की संरचना
इस सुविधा पर ब्याज क्रेडिट कार्ड जैसा ही है। ज्यादातर बैंक 0% ब्याज 30-50 दिन तक देते हैं। उसके बाद 1.5% से 3.5% प्रति माह ब्याज लगता है। प्रोसेसिंग फीस या जॉइनिंग फीस ज्यादातर बैंक नहीं ले रहे हैं। कुछ बैंक कैशबैक या रिवॉर्ड पॉइंट भी दे रहे हैं। बिल हर महीने स्टेटमेंट में आता है और न्यूनतम अमाउंट या पूरा अमाउंट चुका सकते हैं।
कौन-कौन से बैंक अभी ऑफर कर रहे हैं
HDFC Bank ने सबसे पहले लॉन्च किया और अभी 10 लाख तक की प्री-अप्रूव्ड लिमिट दे रहा है। Axis Bank ने “Axis Credit Line on UPI” के तहत 5 लाख तक की लिमिट शुरू की है। ICICI Bank और SBI Card ने भी चुनिंदा ग्राहकों के लिए लाइव कर दिया है। Yes Bank और Kotak Mahindra Bank ने भी 2025 के पहले क्वार्टर में इसे रोल-आउट कर दिया है।
फायदे क्या हैं
UPI से पेमेंट करने पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नहीं लगता, इसलिए दुकानदार भी खुश रहते हैं। क्रेडिट कार्ड की तरह अलग कार्ड ले जाने की जरूरत नहीं। एक ही UPI ID से डेबिट और क्रेडिट दोनों पेमेंट हो जाते हैं। प्री-अप्रूव्ड लिमिट होने से तुरंत पैसे मिल जाते हैं।
मौजूदा स्थिति और भविष्य
अभी यह सुविधा ज्यादातर प्री-अप्रूव्ड ग्राहकों तक सीमित है। बैंक CIBIL स्कोर, इनकम और मौजूदा रिलेशनशिप के आधार पर लिमिट तय करते हैं। 2025 के अंत तक लगभग सभी बड़े बैंक इसे लाइव करने वाले हैं। NPCI के आंकड़ों के अनुसार अभी 2 करोड़ से कम यूजर्स के पास यह सुविधा एक्टिव है, लेकिन तेजी से बढ़ रही है।











