Monsoon Tracker: उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की वापसी, IMD का रेड अलर्ट

On: July 21, 2026 11:47 PM
भारी मानसूनी बारिश के दौरान जलमग्न सड़क और वाहनों की कतार का एक दृश्य।

देश में मानसून फिर से पड़ा तेज, मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के लिए जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के उत्तरी, पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के फिर से सक्रिय होने की पुष्टि की है। मौसम केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, पूरे हफ्ते देश के बड़े हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। इस मौसमी बदलाव के चलते पहाड़ी और मैदानी इलाकों में सुरक्षा चेतावनी जारी की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ट्रफ वर्तमान में गंगानगर से होकर दिल्ली, लखनऊ, रांची और दीघा होते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ ही कई ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulations) सक्रिय हैं। इस वजह से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर हिमालयी राज्यों तक बारिश की तीव्रता में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हिमालयी राज्यों में भूस्खलन और बाढ़ का बढ़ा खतरा, कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और अचानक बाढ़ (Flash Flood) आने का जोखिम अत्यधिक बढ़ गया है।

प्रशासन ने इन क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है। कई स्थानों पर मुख्य राजमार्गों के बंद होने और यातायात बाधित होने की सूचना मिली है। स्थिति से निपटने के लिए राहत और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तरी मैदानों में तापमान में गिरावट, मिली गर्मी से राहत

राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मानसून की इस वापसी से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। बीते दिनों की उमस भरी गर्मी के बाद क्षेत्र में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी रखते हुए पूरे सप्ताह हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी मानसून के दोबारा सक्रिय होने से फसलों को नया जीवन मिला है। मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और बिजली चमकने की चेतावनियों के बीच नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अनुमान, किसानों के लिए एडवाइजरी जारी

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों—असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की बात कही गई है। कुछ क्षेत्रों में 21 सेंटीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड किए जाने की संभावना है।

मौसम विभाग ने कृषि गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। खेतों में अत्यधिक जलभराव से फसलों को बचाने के लिए निकासी की व्यवस्था करने और मौसम साफ होने तक कीटनाशकों का छिड़काव रोकने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों को निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

National Dastak

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