नई दिल्ली: लद्दाखी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब 18वें दिन पहुंच गई है। उनकी सेहत बिगड़ने के बावजूद हड़ताल जारी है। इस बीच विपक्षी दलों और फिल्म इंडस्ट्री से बड़े-बड़े नाम उनके समर्थन में सामने आए हैं। जंतर मंतर पर प्रदर्शन स्थल पर भीड़ बढ़ती जा रही है।
पूर्व जम्मू-कश्मीर गवर्नर डॉ. करण सिंह ने सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वांगचुक का देश के लिए योगदान अनमोल है और उनकी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। करण सिंह ने केंद्र सरकार से भी वांगचुक की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
विपक्षी दलों का समर्थन
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव जंतर मंतर पहुंचीं और वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि प्रदर्शनकारियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाए और बातचीत शुरू करे। उनके साथ अन्य सपा सांसद भी मौजूद थे।
आम आदमी पार्टी के पूर्व दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल भी जंतर मंतर पहुंचे। उन्होंने वांगचुक की मांगों का समर्थन किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। केजरीवाल ने कहा कि वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने भी अपना रुख स्पष्ट किया। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने वांगचुक से हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से संघर्ष कर रही है।
DMK के ए. राजा ने भी वांगचुक से मुलाकात की और पार्टी का समर्थन जताया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने भी वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
फिल्म इंडस्ट्री का साथ
बॉलीवुड से भी कई सितारों ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। अभिनेता इमरान खान ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के लिए वांगचुक संघर्ष कर रहे हैं। सोनाक्षी सिन्हा ने वीडियो जारी कर समर्थन जताया।
फातिमा सना शेख, ओमी वैद्य, शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह और प्रकाश राज जैसे कलाकारों ने भी वांगचुक के समर्थन में बयान दिए। कई कलाकारों ने सरकार से बातचीत शुरू करने और वांगचुक से हड़ताल समाप्त करने की अपील की।
हड़ताल का मुद्दा
सोनम वांगचुक शिक्षा सुधार, NEET और CBSE परीक्षा अनियमितताओं, छात्रों के भविष्य और लद्दाख के पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर हड़ताल पर बैठे हैं। उनके समर्थन में Cockroach Janta Party (CJP) का आंदोलन भी जोर पकड़ रहा है।
स्वास्थ्य चिंता
18 दिनों की भूख हड़ताल के बाद वांगचुक का वजन काफी कम हो गया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि स्थिति गंभीर हो सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी रोजाना मेडिकल मॉनिटरिंग का आदेश दिया है।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है। विपक्षी दलों और फिल्म इंडस्ट्री के समर्थन से यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है। सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह छात्रों और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से ले और बातचीत का रास्ता अपनाए।
फिलहाल सभी की नजरें इस पर हैं कि वांगचुक अपनी हड़ताल कब समाप्त करते हैं और सरकार क्या कदम उठाती है।










