कर्नाटक MLC चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत, BJP-JD(S) में क्रॉस वोटिंग का घमासान

On: June 21, 2026 3:47 PM
Karnataka MLA chunav cross voting

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उथल-पुथल मच गया है। विधान परिषद की सात सीटों के लिए हुए चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने पांच सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है।

विपक्षी BJP और उसकी सहयोगी JD(S) गठबंधन को इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग का बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस उम्मीदवारों को अपेक्षा से ज्यादा वोट मिलने के कारण विपक्षी दलों में सवालों की बाढ़ आ गई है।

चुनाव परिणाम और वोटों का गणित

कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के पास करीब 134-138 विधायकों का समर्थन था। ऐसे में उसे चार सीटें आराम से मिलने की उम्मीद थी। लेकिन मतगणना में कांग्रेस को 151 वोट मिले, जो उसके मजबूत प्रदर्शन का सबूत है।

कांग्रेस के पांच उम्मीदवारों – बीके हरिप्रसाद, बीएस शिवanna, पीवी मोहन, थिप्पन्ना कामकनूर और विनय कार्तिक – ने जीत हासिल की। वहीं BJP के दो उम्मीदवार लिंगराज पटेल और आर राघु विजयी रहे। JD(S) उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार, BJP और JD(S) के कुल 11-12 विधायकों ने कथित तौर पर क्रॉस वोटिंग की, जिससे NDA गठबंधन को करीब 12 वोटों का नुकसान हुआ।

BJP में हड़कंप, विजयेंद्र का बड़ा ऐलान

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता इस विश्वासघात से आहत हैं।

विजयेंद्र ने घोषणा की कि जल्द ही धर्मस्थल में विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी। पवित्र स्थल पर इस मुद्दे पर चर्चा और फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान में आस्था रखने वाले लोग पवित्र जगह पर ही सच्चाई सामने लाएंगे।

मामले की जांच के लिए सीटी रवि, महेश तेंगिनकाई और कोल्लेगल महेश की तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।

राष्ट्रीय नेतृत्व से संपर्क

विजयेंद्र ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात की है। वे और नेता प्रतिपक्ष आर अशोक जल्द ही दिल्ली जाएंगे और उच्च कमान को स्थिति से अवगत कराएंगे।

उन्होंने कहा कि चार भाजपा विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे हैं, जिससे पूरे 63 भाजपा विधायकों पर संदेह का माहौल बन गया है। कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।

कांग्रेस का उत्साह, शिवकुमार की मजबूत पकड़

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई कांग्रेस सरकार के लिए यह पहला बड़ा चुनावी परीक्षण था। पांच सीटों की जीत को पार्टी में शिवकुमार की मजबूत नेतृत्व क्षमता के रूप में देखा जा रहा है।

कांग्रेस ने इस जीत को जनता के विश्वास की जीत बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्षी दलों में असंतोष और आंतरिक कलह इस नतीजे की मुख्य वजह बनी।

राजनीतिक प्रभाव और आगे की चुनौतियां

यह चुनाव परिणाम कर्नाटक में विपक्षी गठबंधन BJP-JD(S) की एकजुटता पर सवाल खड़े करता है। दोनों दलों के बीच तालमेल की कमी साफ नजर आई।

BJP अब आंतरिक जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई पर जोर दे रही है। पार्टी ने साफ संदेश दिया है कि गद्दारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दूसरी ओर कांग्रेस इस जीत का फायदा उठाते हुए विधान परिषद में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश करेगी। 75 सदस्यीय सदन में कांग्रेस की बढ़ती ताकत भविष्य की राजनीति को प्रभावित कर सकती है।

कर्नाटक की राजनीति में क्रॉस वोटिंग की घटनाएं नई नहीं हैं, लेकिन इस बार इसका पैमाना और प्रभाव काफी बड़ा रहा है। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

विजयेंद्र ने अपने आलोचकों को चुनौती दी है कि वे स्थानीय निकाय चुनावों में अपनी ताकत साबित करें। उन्होंने कुमार बंगारप्पा और बसनगौड़ा पाटिल यतनाल जैसे नेताओं की मांगों पर भी प्रतिक्रिया दी।

कुल मिलाकर, कर्नाटक MLC चुनाव ने राज्य की सियासी पारी को नया मोड़ दे दिया है। BJP अब अपनी कमियों को दूर करने और एकजुटता बहाल करने में जुट गई है, जबकि कांग्रेस आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है।

National Dastak

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