स्मार्टफोन की बैटरी क्षमता बढ़ाने की होड़ तेज हो गई है। अब ओप्पो और वनप्लस जैसी कंपनियां मिड-रेंज सेगमेंट में 10,000mAh बैटरी वाले फोन लाने की तैयारी कर रही हैं। यह विकास उन यूजर्स के लिए बड़ी राहत होगा जो लंबी बैटरी लाइफ चाहते हैं लेकिन फ्लैगशिप फोन की कीमत नहीं दे सकते।
चीनी टिप्स्टर Digital Chat Station के अनुसार, ओप्पो अपनी A-सीरीज में 10,000mAh बैटरी वाला फोन टेस्ट कर रहा है। वहीं वनप्लस भी अगले साल एक मिड-रेंज मॉडल लॉन्च करने वाला है जिसमें 10,000mAh से ज्यादा बैटरी हो सकती है।
ओप्पो का 10,000mAh प्लान
लीक के मुताबिक, ओप्पो का नया A-सीरीज फोन सिंगल-सेल 9,700mAh बैटरी (टिपिकल 10,000mAh) के साथ आएगा। फोन में 1.5K फ्लैट LTPS डिस्प्ले, 4nm प्रोसेसर और ड्रॉप-रेजिस्टेंट बॉडी होने की उम्मीद है।
कीमत लगभग 2,000 चीनी युआन (करीब ₹28,000) रखी जा सकती है, जो इसे मिड-रेंज सेगमेंट में आकर्षक बनाएगी। अगर यह फोन लॉन्च हुआ तो यह ओप्पो का सबसे बड़ी बैटरी वाला फोन होगा।
वनप्लस का बड़ा कदम
वनप्लस भी पीछे नहीं है। कंपनी एक परफॉर्मेंस-फोकस्ड मिड-रेंज फोन पर काम कर रही है जिसमें 10,000mAh से ज्यादा बैटरी और Snapdragon 8 Gen 6 या इसी लेवल का चिपसेट हो सकता है। यह फोन OnePlus Ace सीरीज का हिस्सा हो सकता है।
बैटरी रेस क्यों तेज हुई?
पिछले कुछ सालों में स्मार्टफोन ब्रांड्स ने कैमरा, AI और डिस्प्ले पर फोकस किया, लेकिन अब बैटरी सबसे बड़ा सेलिंग पॉइंट बन गई है। Honor, Realme और iQOO पहले ही 10,000mAh बैटरी वाले फोन लॉन्च कर चुके हैं।
सिलिकॉन-कार्बन बैटरी टेक्नोलॉजी के आने से बिना फोन को मोटा किए ज्यादा पावर स्टोर करना संभव हो गया है। इससे कंपनियां मिड-रेंज फोन्स में भी बड़ी बैटरी दे पा रही हैं।
अन्य ब्रांड्स का प्लान
- iQOO 16 Neo और Z12 Turbo सीरीज में 8,500mAh से 10,000mAh बैटरी की अफवाहें हैं।
- Xiaomi Redmi Turbo 6 सीरीज में भी 10,000mAh बैटरी की उम्मीद है।
- Honor और Vivo 12,000mAh तक बैटरी वाले फोन टेस्ट कर रहे हैं।
उपभोक्ताओं के लिए फायदा
10,000mAh बैटरी वाले फोन हेवी यूजर्स, गेमर्स और ट्रैवलर्स के लिए गेम-चेंजर साबित होंगे। एक चार्ज पर 2-3 दिन आसानी से चल सकते हैं। हालांकि बैटरी के साथ फोन का वजन बढ़ने और चार्जिंग स्पीड पर भी ध्यान देना होगा।
निष्कर्ष
ओप्पो और वनप्लस द्वारा 10,000mAh बैटरी वाले मिड-रेंज फोन लाने की खबर स्मार्टफोन बाजार में बैटरी लाइफ को नई दिशा दे रही है। 2026-27 में यह ट्रेंड और तेज होने वाला है।
अभी यह लीक हैं, लेकिन अगर सही साबित हुए तो मिड-रेंज सेगमेंट में बैटरी लाइफ का नया स्टैंडर्ड तय हो जाएगा। यूजर्स को अब बड़े बैटरी वाले फोन के लिए फ्लैगशिप की कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी।











