कूनो नेशनल पार्क बकरा घोटाला: 30 किलो के बकरे को 90 किलो बताकर करोड़ों का खेल

On: July 18, 2026 10:38 PM
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श्योपुर: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों के भोजन के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। आरोप है कि चीतों को खिलाए जा रहे 25-30 किलो के बकरों को कागजों में 80-90 किलो का बताकर फर्जी बिल बनाए जा रहे हैं। इस घोटाले से करोड़ों रुपये का हेरफेर किया जा रहा है। कांग्रेस नेता चीनी कुरैशी ने आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में शिकायत दर्ज कराई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मोहन यादव से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाए गए चीतों को रोजाना ताजा बकरे का मांस खिलाया जाता है। ठेकेदार द्वारा सप्लाई किए जा रहे बकरों का वजन तराजू पर किया जाता है। टेंडर शर्तों के अनुसार, बकरे के नेट वजन में 26 प्रतिशत वेस्ट निकालकर 74 प्रतिशत के आधार पर भुगतान होता है। लेकिन आरोप है कि ठेकेदार और पार्क अधिकारियों की मिलीभगत से छोटे बकरों को भारी वजन का बताकर भुगतान लिया जा रहा है।

कांग्रेस नेता का आरोप

कांग्रेस नेता चीनी कुरैशी ने EOW में दी गई शिकायत में कहा कि श्योपुर जैसे इलाके में 70-90 किलो वजन के बकरे आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। इतने भारी बकरे आमतौर पर केवल ईद-उल-अधा की कुर्बानी के लिए ही पाले जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कूनो के अधिकारियों और ठेकेदार के बीच साठगांठ है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा है।

चीनी कुरैशी ने पहले भी बिना टेंडर बकरों की सप्लाई को लेकर सवाल उठाए थे। उनकी शिकायत के बाद पार्क प्रशासन ने आनन-फानन में टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। अब उन्होंने फर्जी वजन और बिलों के आधार पर करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला EOW के सामने रखा है।

कैसे हो रहा है घोटाला?

  • चीतों को खिलाए जा रहे असली बकरे 25-30 किलो के हैं।
  • कागजों में इनका वजन 80-90 किलो दिखाया जा रहा है।
  • इससे प्रति बकरे पर हजारों रुपये का अतिरिक्त भुगतान हो रहा है।
  • लंबे समय से यह प्रक्रिया चल रही है, जिससे कुल मिलाकर करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है।

PMO और CMO को शिकायत

कांग्रेस नेता ने इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक पहुंचाई है। उन्होंने PM मोदी और CM मोहन यादव से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

कूनो नेशनल पार्क का संदर्भ

कूनो नेशनल पार्क देश का प्रमुख चीता प्रोजेक्ट है। यहां अफ्रीका से लाए गए चीतों को बसाने का काम चल रहा है। चीतों की देखभाल और उनके भोजन पर हर महीने लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। ऐसे में भोजन के नाम पर हो रहे घोटाले ने पूरे प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

अभी तक पार्क प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। EOW ने शिकायत पर संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है।

निष्कर्ष

कूनो नेशनल पार्क में चीतों के भोजन के नाम पर चल रहे ‘बकरा घोटाले’ ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की समस्या को उजागर कर दिया है। चीतों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए चलाए जा रहे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में अगर भ्रष्टाचार हो रहा है तो यह बेहद चिंताजनक है।

अब EOW की जांच पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। अगर आरोप साबित हुए तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही पार्क प्रशासन को पारदर्शिता बनाए रखते हुए चीतों की देखभाल सुनिश्चित करनी होगी।

National Dastak

Manshi Shukla ने 2015 में लॉन्च होने के बाद से एक वेब विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। वर्षों से, उन्होंने कंपनी की वेब एक्सपर्ट टीम का नेतृत्व किया है और सैकड़ों से अधिक लेख प्रकाशित किए हैं - ब्रेकिंग न्यूज, शिक्षा, नौकरियों, समीक्षाओं का मिश्रण, सहायक, उद्योग विश्लेषण , और अधिक।