देश की सबसे बड़ी बिजली ट्रांसमिशन कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (POWERGRID) ने अपने वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के बोर्ड ने उधार लेने की सीमा बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।
यह फैसला कंपनी के भविष्य के विस्तार और नई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए लिया गया है।
बोर्ड की अहम मंजूरी
कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, बोर्ड ने उधार लेने की मौजूदा सीमा 1.8 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.2 लाख करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
यह मंजूरी आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की सहमति पर निर्भर करेगी।
ECB से विदेशी फंड जुटाने की तैयारी
बोर्ड ने बैंक ऑफ बड़ौदा के माध्यम से एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक का विदेशी मुद्रा कर्ज जुटाने को भी हरी झंडी दे दी है।
यह कदम कंपनी को सस्ते विदेशी फंड उपलब्ध कराएगा और रुपये में उतार-चढ़ाव के जोखिम को प्रबंधित करने में मदद करेगा।
नई ट्रांसमिशन लाइन को मंजूरी
बोर्ड ने तमिलनाडु में ‘उडुमलपेट – मदुरै 400kV S/c लाइन’ को ‘उडुमलपेट – मदुरै 400kV (क्वाड) D/c लाइन’ में अपग्रेड करने की मंजूरी भी दी।
इस परियोजना की अनुमानित लागत 772.65 करोड़ रुपये है। इसे आवंटन की तारीख से 30 महीनों के अंदर, यानी 11 अगस्त 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
कंपनी का शेयर प्रदर्शन
पावर ग्रिड के शेयर गुरुवार को 284 रुपये पर बंद हुए। कंपनी का मार्केट कैप 2.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
शेयर का P/E रेशियो 16.6 है, जो इसे महंगा नहीं बनाता। बुक वैल्यू 108 रुपये प्रति शेयर है, जबकि बाजार भाव इससे 2.6 गुना ज्यादा है।
कंपनी 3.17 प्रतिशत का आकर्षक डिविडेंड यील्ड दे रही है, जो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए फायदेमंद है।
पावर ग्रिड की भूमिका
पावर ग्रिड कॉरपोरेशन भारत की बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम की रीढ़ है। कंपनी पूरे देश में हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों का संचालन करती है।
देश की बढ़ती बिजली मांग, रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन और नई ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत को देखते हुए उधार सीमा बढ़ाना जरूरी हो गया था।
यह कदम कंपनी को बड़े पैमाने पर निवेश करने और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड को और मजबूत बनाने में सक्षम बनाएगा।
बिजली क्षेत्र पर प्रभाव
पावर ग्रिड की बढ़ी हुई उधार क्षमता से देश भर में ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स तेज होंगे। इससे ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुधरेगी।
विशेष रूप से सोलर और विंड पावर जैसी नवीकरणीय ऊर्जा को मुख्य ग्रिड से जोड़ने में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष
पावर ग्रिड का यह फैसला कंपनी के विकास और भारतीय बिजली क्षेत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। बढ़ती उधार सीमा से कंपनी बड़े प्रोजेक्ट्स को आसानी से फंड कर सकेगी।
शेयरधारकों की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव लागू होगा। कुल मिलाकर, यह कदम पावर सेक्टर में स्थिर विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार का संकेत देता है।
FAQ
पावर ग्रिड ने उधार सीमा कितनी बढ़ाई?
कंपनी ने उधार सीमा 1.8 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2.2 लाख करोड़ रुपये करने को मंजूरी दी।
ECB से कितना फंड जुटाने की योजना?
बैंक ऑफ बड़ौदा के जरिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक का ECB जुटाने को मंजूरी मिली।
नई परियोजना की लागत कितनी है?
उडुमलपेट-मदुरै लाइन अपग्रेड की अनुमानित लागत 772.65 करोड़ रुपये है।
शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी क्यों?
उधार सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव AGM में शेयरधारकों की सहमति पर निर्भर है।
शेयर निवेशकों के लिए क्या है आकर्षण?
3.17% डिविडेंड यील्ड और स्थिर बिजनेस मॉडल निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।











