एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत, 7% प्रीमियम पर दर्ज हुई लिस्टिंग
मुंबई: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट (SBI Funds Management) के शेयरों ने मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी का शेयर 574 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 6.85 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 613.30 रुपये पर लिस्ट हुआ।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर 6.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 610 रुपये पर कारोबार की शुरुआत करने में सफल रहा। करीब 9,813 करोड़ रुपये का यह आईपीओ वर्ष 2026 का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम साबित हुआ है। बाजार में लिस्टिंग के तुरंत बाद कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 1.25 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया।
कर्मचारियों के लिए लॉटरी साबित हुआ आईपीओ, एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन से 13 अधिकारी बने करोड़पति
कंपनी की इस सफल लिस्टिंग ने उसके वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की किस्मत बदल दी है। वर्षों पहले लागू की गई एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन योजना (ESOP) के कारण कंपनी के 13 अधिकारी और कर्मचारी आधिकारिक रूप से करोड़पति बन चुके हैं।
निर्गम मूल्य (Issue Price) के आधार पर इन 13 कर्मचारियों के पास मौजूद शेयर्स का कुल मूल्य 1 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। कंपनी की रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, सबसे अधिक वित्तीय लाभ कंपनी के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर देविंदर पाल सिंह को मिला है। उनके पास मौजूद वेस्टेड शेयर्स का मूल्य करीब 121 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
मुख्य निवेश अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों के खातों में भी आई भारी संपत्ति
कंपनी के चीफ इन्वेस्टमेन्ट ऑफिसर (CIO) श्रीनिवासन रामा अय्यर इस सूची में दूसरे स्थान पर रहे हैं। उनके पास मौजूद वेस्टेड शेयर्स का बाजार मूल्य लगभग 105 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके अलावा उनके पास 51 करोड़ रुपये से अधिक के अनवेस्टेड ऑप्शंस भी मौजूद हैं।
रणनीति एवं डिजिटल तकनीक प्रमुख श्रीनिवास जैन के शेयर्स का मूल्य 59 करोड़ रुपये है। वहीं फिक्स्ड इनकम के चीफ इन्वेस्टमेन्ट ऑफिसर राजीव राधाकृष्णन के शेयर 36 करोड़ रुपये मूल्य के हैं। चीफ रिस्क ऑफिसर अपर्णा निरगुडे और कंपनी सेक्रेटरी विनाया दातार के शेयर्स का मूल्य भी क्रमशः 31 करोड़ रुपये और 21 करोड़ रुपये आंका गया है।
संस्थागत निवेशकों का रहा भारी दबाव, 42 गुना अधिक मिला था सब्सक्रिप्शन
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के इस पब्लिक इश्यू को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। तीन दिनों की बोली प्रक्रिया के दौरान यह आईपीओ कुल मिलाकर 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें सबसे अधिक मांग योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की ओर से देखी गई थी।
क्यूआईबी (QIB) श्रेणी में इस आईपीओ को 140 गुना से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा 22.5 गुना और खुदरा निवेशकों (Retail) का हिस्सा 3.6 गुना भरा था। आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 2,663 करोड़ रुपये और प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए 1,880 करोड़ रुपये जुटाए थे।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन और बाजार में स्थिति
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में 15.3 प्रतिशत से अधिक की बाजार हिस्सेदारी रखती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का कुल परिचालन राजस्व बढ़कर 4,976 करोड़ रुपये और खुद का शुद्ध लाभ (PAT) 3,067 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
यह पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में लाया गया था। इसके तहत प्रवर्तक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग्स (Amundi) ने अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचा है। इस वजह से बिक्री से प्राप्त पूरी राशि बिकवाली करने वाले शेयरधारकों के पास जाएगी, कंपनी के खाते में नई पूंजी नहीं जुड़ेगी।
निष्कर्ष
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की मजबूत लिस्टिंग ने भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग की विकास क्षमता को एक बार फिर रेखांकित किया है। हालांकि ग्रे मार्केट के अनुमानों की तुलना में लिस्टिंग गेन थोड़ा सीमित रहा, लेकिन कंपनी का मजबूत ब्रांड बैकअप, एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल और 40 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) इसे दीर्घावधि के लिए एक आकर्षक शेयर बनाते हैं। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय परिसंपत्ति प्रबंधन क्षेत्र में इसका वर्चस्व बना रहने की पूरी संभावना है।
FAQs
1. एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट आईपीओ का इश्यू प्राइस और लिस्टिंग प्राइस क्या था? कंपनी का इश्यू प्राइस 574 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। यह शेयर एनएसई (NSE) पर 613.30 रुपये (6.85% प्रीमियम) और बीएसई (BSE) पर 610 रुपये पर लिस्ट हुआ।
2. इस आईपीओ की कुल साइज (आकार) कितनी थी? यह आईपीओ लगभग 9,812.91 करोड़ रुपये का था। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था।
3. आईपीओ में किस श्रेणी के निवेशकों ने सबसे अधिक बोली लगाई? योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) ने सबसे अधिक रुचि दिखाई और उनकी श्रेणी में यह इश्यू लगभग 140.11 गुना सब्सक्राइब हुआ।
4. क्या इस आईपीओ से जुटाई गई राशि कंपनी के व्यापार विस्तार में इस्तेमाल होगी? नहीं, क्योंकि यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था। इसलिए बिक्री से मिली पूरी राशि इसके प्रमोटरों (एसबीआई और अमुंडी) को मिलेगी, कंपनी के पास नई राशि नहीं जाएगी।
5. एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के किस अधिकारी को ईसॉप (ESOP) से सबसे ज्यादा फायदा हुआ? कंपनी के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर देविंदर पाल सिंह को सबसे ज्यादा फायदा हुआ, जिनके वेस्टेड शेयर्स की वैल्यू लिस्टिंग प्राइस पर लगभग 121 करोड़ रुपये रही।
6. म्यूचुअल फंड बाजार में एसबीआई एएमसी की कितनी हिस्सेदारी है? एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लगभग 15.3 प्रतिशत एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) हिस्सेदारी के साथ भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है।
7. अल्पकालिक निवेशकों के लिए विशेषज्ञों की क्या सलाह है? बाजार विशेषज्ञों ने अल्पकालिक (Short-term) ट्रेडर्स के लिए 585 से 590 रुपये के स्तर पर स्टॉप-लॉस (Stop-loss) बनाए रखने की सलाह दी है।











