नई दिल्ली: लद्दाखी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब 18वें दिन पहुंच गई है। जंतर मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को गुरुवार को बड़े स्तर पर समर्थन मिला। किसान नेता राकेश टिकैत, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर वांगचुक का साथ दिया। Cockroach Janta Party (CJP) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में करीब 500 किसान शामिल हुए।
राकेश टिकैत ने सोनम वांगचुक की हड़ताल को किसानों और युवाओं के संघर्ष से जोड़ते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि NEET, CBSE और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो। टिकैत ने वांगचुक से अपील की कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखें, लेकिन संघर्ष जारी रखें।
केजरीवाल का आगमन
अरविंद केजरीवाल भी जंतर मंतर पहुंचे। उन्होंने सोनम वांगचुक की मांगों का पूरा समर्थन किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। केजरीवाल ने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। परीक्षा प्रणाली में सुधार के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने वांगचुक को “देश का सच्चा सपूत” बताया।
किसानों का भारी समर्थन
CJP प्रदर्शन में शामिल 500 किसानों ने वांगचुक को घेरकर उनका समर्थन जताया। कई किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधार और परीक्षा पारदर्शिता का मुद्दा सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज और भविष्य की पीढ़ी से जुड़ा है।
प्रदर्शन स्थल पर भारी भीड़ देखी गई। छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक बड़ी संख्या में पहुंचे। वांगचुक की हड़ताल अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुकी है।
स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक
18 दिनों की भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक की सेहत बिगड़ रही है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि स्थिति गंभीर हो सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी रोजाना मेडिकल रिपोर्ट मांगी है।
करण सिंह की अपील
इससे पहले पूर्व जम्मू-कश्मीर गवर्नर डॉ. करण सिंह ने भी वांगचुक से हड़ताल समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि वांगचुक का योगदान अनमोल है और उनकी सेहत को खतरे में नहीं डालना चाहिए।
फिल्म इंडस्ट्री का साथ
बॉलीवुड से भी कई सितारों ने समर्थन जताया है। इमरान खान, सोनाक्षी सिन्हा, फातिमा सना शेख और अन्य कलाकारों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वांगचुक के साथ खड़े होने की बात कही।
मुद्दे क्या हैं?
सोनम वांगचुक मुख्य रूप से शिक्षा सुधार, NEET और CBSE परीक्षा पेपर लीक, छात्रों के भविष्य और लद्दाख के पर्यावरण संरक्षण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और क्लाउड बर्स्ट जैसी आपदाओं से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की है।
सरकार पर दबाव
विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का दबाव बढ़ रहा है। कई सांसदों और विधायकों ने संसद और विधानसभाओं में यह मुद्दा उठाने की बात कही है। केंद्र सरकार अभी तक आधिकारिक रूप से कोई बड़ा बयान नहीं दे पाई है।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब देशव्यापी मुद्दा बन चुकी है। किसान नेता राकेश टिकैत, केजरीवाल और फिल्म इंडस्ट्री के समर्थन से आंदोलन की ताकत बढ़ गई है। सभी की नजरें इस पर हैं कि सरकार क्या कदम उठाती है और वांगचुक अपनी हड़ताल कब समाप्त करते हैं।
फिलहाल जंतर मंतर पर प्रदर्शन जारी है और समर्थकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।










